Search & Explore

मजाक हम भी बणा देंदे तेरा पर सहण आली तेरी औकात ना थी रै बैरण तु ए तो खास थी आपणी औरां गैल तो वा बात ए ना थी

विभत्स हूँ... विभोर हूँ... मैं समाधी में ही चूर हूँ...

  • Advertisements
  • आँख मूंदकर देख रहा है साथ समय के खेल रहा है महादेव महाएकाकी जिसके लिए जगत है झांकी! वही शुन्य है वही इकाई जिसके भीतर बसा शिवाय! ॐ नमः शिवाय्

    आँख मूंदकर देख रहा है साथ समय के खेल रहा है महादेव महाएकाकी जिसके लिए जगत है झांकी! वही शुन्य है वही इकाई जिसके भीतर बसा शिवाय! ॐ नमः शिवाय्

    198 Followers